बुधवार, 8 अक्तूबर 2014

अपनी तुम भेजो तस्वीर ।।

मेरे दिल  में  होती पीर । अपनी  तुम  भेजो तस्वीर ।।
मेरे  घर से  काफी दूरी । न मिल  पाने की  मजबूरी ।।
है  बात  बड़ी  गम्भीर । अपनी  तुम  भेजो  तस्वीर ।।
तेरे एक पल का एहसास । ले जाये खुशियों के पास ।।
ये कभी  लगे  कश्मीर । अपनी  तुम  भेजो  तस्वीर ।।
मैं  हँसता  हूँ तब से । मुझको  मिले  हो तुम जब से ।।
मेरी तुम लगते तक़दीर । अपनी  तुम भेजो तस्वीर ।।
मैं दुनियाँ में  आया आखिर । तेरी ख़ुशी की ख़ातिर ।।
मैं  करूँगा  हर  तदबीर । अपनी  तुम  भेजो तस्वीर ।।

2 टिप्‍पणियां:

  1. ्लगता है आपको प्यार हो गया है..

    खुबसुरत एहसास........

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    1. धन्यवाद अमित जी,
      एक शायर को प्यार हो या न हो लेकिन प्यार का अहसास जरुर होता है |

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