बुधवार, 24 दिसंबर 2014

तुम मुझको भूल जाओ मैं तुमको भूल जाता हूँ ।

तुम मुझको भूल जाओ मैं तुमको भूल जाता हूँ ।
मैं  सपना  समझकर  तेरे  वादे  भूल  जाता  हूँ ।।
वो पूछती  है  जब हमसे  प्यार  करते  हो  क्या ?
मैं   हर   बार   अपना   सच   क़बूल   जाता   हूँ ।।
हमने किसी का दिल कभी नहीं दुखाया फिर भी ।
हर  कदम  पे  ज़िन्दगी  के  मैं  बबूल  पाता  हूँ ।।
दौलत से  मेरे प्यार की  तुलना नहीं हो  सकती ।
बेशकीमती  प्यार का मैं  तुमको फूल  लाता हूँ ।।
उसके आने की उम्मीद में सोया नहीं करती आँखें ।
मुझको तो  नींद  आती  जब  कैप्सूल  खाता  हूँ ।।
असातिज़ा  भी कहते  क्या  सोचते हो  "सागर" ।
ऐसे  सवाल   होते   मैं  जब   स्कूल   जाता   हूँ ।।

1 टिप्पणी:

  1. दौलत से मेरे प्यार की तुलना नहीं हो सकती ।
    बेशकीमती प्यार का मैं तुमको फूल लाता हूँ ।।

    bahut umda panktiyan

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