गुरुवार, 1 जनवरी 2015

हँसकर के पन्द्रह तेरा स्वागत किया है ।

रोकर  के  चौदह  को  रुख़सत  किया  है ।
हँसकर के पन्द्रह तेरा  स्वागत किया है ।।
तहे  दिल से उसको  भी  शुभकामना दी ।
साल भर जिसने मुझसे नफ़रत किया है ।।
नये  साल तू  उसके अरमान  पूरे करना ।
जिसने मुझसे कभी  मोहब्बत  किया है ।।
मेरे  अपनों  को  तू   कभी  रुलाना  नहीं ।
तुझसे यही आरज़ू और हसरत किया है ।।
मेरे ख़ुदा  यार से  मुझको  ऐसे मिलाना ।
जैसे पानी और चीनी को शरबत किया है ।।

6 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब भाई जी !

    नव वर्ष की शुभकामनाये !

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    1. मनोज भाई आपको भी नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।

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  2. नए साल 2015 में आपके अरमान पूरे हों, यही मंगलकामना है!

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    1. कविता जी आपको भी नये साल की बहुत - बहुत शुभकामनायें।

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    1. धन्यवाद अजीत नेहरा जी ब्लॉग पर आने के लिए।

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