गुरुवार, 8 जनवरी 2015

उसने कहा था कि अपनी तस्वीर भेज दो ।

मेरी गुज़ारिश पर भी मुझसे मुलाक़ात नहीं करती ।
ख़ूब   किया   याद   अब   याद   भी  नहीं   करती ।।
उसने   कहा   था  कि   अपनी   तस्वीर   भेज  दो ।
अब   कैसे   भेजूँ  जब  वो   बात  ही  नहीं  करती ।।

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (09.01.2015) को "खुद से कैसी बेरुखी" (चर्चा अंक-1853)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

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  2. बहुत - बहुत धन्यवाद अमृता जी।

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