रविवार, 21 अगस्त 2022

तेरे ख़्वाब आना बंद हुए

 तेरे ख़्वाब आना बंद हुए, सपनो ने आना छोड़ दिया।

तूने भी  बेदर्दी  मुझसे, प्यार का  रिश्ता  तोड़  दिया।।

फिर से  मेरी  आँखों  ने,  हँसना  गाना  सीख  लिया।

जब से  तेरी  याद में  हमने, रोना  धोना  छोड़  दिया।।

शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

मुझे मेरा लाल चाहिए।

बड़ा ख़ुश ख़्वाब में था वो।
गया जिस आब में था वो।।
उसका  वो  हाल  चाहिए।
मुझे  मेरा  लाल  चाहिए।
मेरी  छोटी  सी  है  माँग।
अब  कौन  भरेगा  माँग?
माथे  का  ढाल  चाहिए।
मुझे  मेरा  लाल  चाहिए।
किसी  के कंधे  न आये ।
वो खुद चलकर के आये।।
मस्तानी वो चाल चाहिए।
मुझे  मेरा  लाल  चाहिए।
बेटे का स्वेटर माँ जो नाप रही थी।
सुनकर के ख़बर आज वो काँप रही थी।।
माँ  का  वो  शाल  चाहिए।
मुझे  मेरा  लाल  चाहिए।
जख़्म दिए हैं जिसने हिंदुस्तान को।
सबक सिखा दो घटिया पाकिस्तान को।।
बदला इसी साल चाहिए।
मुझे  मेरा  लाल  चाहिए।

पुलवामा में आतंकी हमले में हुए शहीदों को हृदय से श्रदांजलि ।

बुधवार, 27 जून 2018

जो कहते थे जिस्म में अपने सागर - सागर लिखवा लूंगी।

मेरे साथ  बिताए पल  वो  कितनी जल्दी भूल गए।
खुद किये थे वादे हमसे  खुद ही अब वो भूल गए।।
मैं ज़िन्दगी  था  उसकी  मेरे  दिल में  वो रहती थी।
हमको तो सब याद है  बस वही ठिकाना भूल गए।।
रात - रात भर  जागकर  हम  उनसे बाते  करते थे।
वादे  भूले  सपने  भूले   वो  मेरी  बातें  भूल   गए।।
आँखों में आँसू देख के उसके प्यार करने लगता हूँ।
उसने दिए जो  धोखे हमको  सारे धोखे  भूल गए।।
छोटी हो या हो बड़ी  हर ख़्वाहिश उसकी  पूरी की।
मैंने उसको इतना चाहा  वो कैसे  मुझको भूल गए ?
जो कहते थे जिस्म में अपने सागर - सागर लिखवा लूंगी।
प्यार  को   भूले   मेरे  वो   नाम  हमारा  भूल  गए।।

सोमवार, 11 दिसंबर 2017

मैं हो गया मुरीद उसकी चाल ढाल का

मैं हो गया मुरीद  उसकी चाल ढाल का ।
जिसने किया समर्थन जन लोकपाल का ।।
कुरीतियों  की  बेटी  जब  निवाला  बनी ।
इतिहास   है  गवाह  कई  मलाला  बनी ।।
दास्तान बेटी की  बन चिन्तक जो पढ़ते ।
बेजुबान   पौधे    और   हर्फ़  रो   पड़ते ।।
भ्रष्ट   नेताओं   ने   मजबूर   कर   दिया ।
स्वाभिमान  को  उसके  चूर  कर  दिया ।।
मैं सुना रहा हूँ किस्सा दुर्गा नागपाल का ।
मैं हो गया  मुरीद उसकी चाल ढाल का ।।
उसे याद नहीं  करता  पर  भूलता  नहीं ।
मैं  झूला  भी  उसके  बिना  झूलता नहीं ।।
हर  अंदाज़   उसका   है   सबसे   ज़ुदा ।
एक तरफ़ है यार मेरा  एक तरफ़ ख़ुदा ।।
प्यार न करो  किसी  से सोच कर नफ़ा ।
बेवफ़ा  है  यार  लेकिन  नहीं  है  ख़फा ।।
ख़बर लेता आज  भी  वो  मेरे  हाल का ।
मैं हो गया मुरीद उसकी चाल ढाल का ।।
मन  में  षणयन्त्र और आँखों में नफ़रत ।
जाने क्यों बदल गयी अब आदमी की फ़ितरत।।
हर दिन एक  नया  इतिहास  लिखता है ।
लोगों को लगता कि सब कुछ बिकता है ।।
समय गुज़र जाता पर सोच नहीं बदलती ।
समझे क्या दर्द वो जिस पर नहीं गुज़रती ।।
है दोहराता  आदमी  सब बीते  साल का ।
मैं  हो  गया मुरीद उसकी चाल ढाल का ।।

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

मेरा नहीं तुम्हें था गैरों के खोने का ग़म ।

मेरा  नहीं  तुम्हें   था   गैरों  के  खोने  का  ग़म ।
शायद  मेरा  प्यार   कहीं   पड़  गया  है  कम ।।
देखा  तुझे   रोमांस  करते   गैरों  के  साथ  में ।
नशें फटीं, उबाल आया, हुआ ख़ून मेरा गरम ।।
ज़िस्म   तुम्हारा   है   या   कोई   धरम   शाला ।
कितनी  बेशरम  हो  तुम्हें  आती  नहीं  शरम ।।
मैं बुरा बन गया हूँ  तेरा ऐतबार करते - करते ।
ये  सपना  रह  गया अब  बहुत  अच्छे  थे हम ।।
ज़िन्दगी   से    तुम्हारी   गर    मैं   चला   गया ।
करके  याद  हमको  तुम  रोते रहोगे  हरदम ।।
तुम  जान  हमारी  थीं   तुम  जान  हमारी  हो ।
मुझे लगता बुरा बहुत है  ये सब छोड़ो सनम ।।

गुरुवार, 3 नवंबर 2016

आज डोली उसकी घर को मेरे पार कर गयी

मेरे   दिल  के  वो  टुकड़े   हजार  कर   गयी ।
मेरी   ज़िन्दगी  में  घुस  के  अत्याचार   गयी ।।
अब तो ज़िन्दगी का आखिरी मेला भी ख़तम हुआ ।
आज डोली उसकी घर को मेरे पार कर गयी ।।
ज़िन्दगी   ने    जिससे    भी   की    बेवफाई ।
मौत  की   सहेली  उससे   प्यार   कर   गयी ।।
उसका  मासूम  चेहरा  मैं  कैसे  भूल  सकता ।
उसकी  तस्वीर  जहन  में  आकार  कर  गयी ।।
भले  किसी  और  का  दिल  जीत  लिया  हो ।
मेरे    दिल   से   तो   वो   हार    कर    गयी ।।
ये मोहब्बत का कैसा तोहफा सौगात में दिया ।
वो   दुश्मन   भी   मेरे   दो   चार  कर   गयी ।।
मेरे   उपापचय   का   न   कोई   उपचार   है ।
मेरा   हमदर्द    बनकर    बीमार   कर   गयी ।।
कुछ  दिन  ही  सही  लेकिन  प्यार  तो किया ।
एक  सपना  था  मेरा  वो  साकार  कर गयी ।।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2015

मुझे प्यार का मतलब समझा दो

कुछ - कुछ होता है दिल में, मेरी उलझन को सुलझा दो ।
कहते किसे हैं प्यार मुझे,  प्यार का मतलब समझा दो ।।
अब तुम छोड़ो रीति रिवाज़, अपना होता नहीं है समाज ।
तुम मुझसे मिलने आ जाओ, सारी दुनियाँ को ठुकरा दो।।
मुझे  रब  के  दर्शन  करने  का   शौक  नहीं  है  बिल्कुल ।
मेरे  यार  में  रब  दिखता है  मुझे  यार  के  दर्श करा दो ।।
कहीं   ऐसा   न   हो   कि   फ़िर   देर   बहुत   हो   जाये ।
करते  हो  जो  प्यार   मुझे   तो  जल्दी  से  अपना  लो ।।
मुझे  याद   नहीं   है   कब  से   हम   हँसना   भूल   गए ।
पहले    के   जैसा    मुझे    फिर   से   तुम    हँसा    दो ।।
तुम   भी  करते   प्यार  मुझे   एक   बार   तो   कह  दो ।
मेरी  खुशियाँ  वापस  कर दो  मेरा  चैन  भी  लौटा  दो ।।
आज    तक    तुमको   मैं     समझ   नहीं    पाया    हूँ ।
तुम  मेरी   कौन   लगती  हो   असली  बात   बता  दो ।।

रविवार, 10 मई 2015

माँ का शब्द ही मरहम का काम करता है।

माँ का शब्द ही मरहम का काम करता है।
हर सुपुत्र अपने बाप का नाम करता है।।
मिल जाता है सुकुन उसको।
जो माँ की पूजा सुबह शाम करता है।।

शनिवार, 2 मई 2015

आशियाना न बना गर तेरी गली में ।

चित्र स्रोत - गूगल
आशियाना   न   बना   गर   तेरी   गली   में ।
क़ब्र  के   लिए  जगह   मिले   तेरी  गली  में ।।
होगा   दीदार    तुम्हारा    किसी   बहाने   से ।
सोचकर  आशिक़   भटकता   तेरी  गली  में ।।
घर  का   तेरे  पता   मालूम   नहीं   फ़िर  भी ।
मंजिल   मिलेगी    हमको    तेरी   गली   में ।।
ख़ुदा   के    दर    पे    फ़रियाद    क्या    करें ।
हमको  नज़र  आती  ज़न्नत  तेरी  गली  में ।।
न मक्का न मदीना न काशी की ख़्वाहिश है ।
निकले   हमारी   जान   भी   तेरी   गली  में ।।

सोमवार, 6 अप्रैल 2015

आसमान का सीना चीर के आता प्रकाश है ।

आसमान   का   सीना   चीर   के   आता   प्रकाश   है ।
धरती    के    ऊपर     साया    करता    आकाश    है ।।
कभी भौतिकी कभी जैविकी, रसायन में उपयोग हुआ ।
विज्ञान  की  हर  शाखा  में  प्रकाश  का प्रयोग  हुआ ।।
विज्ञान  के  इमारत  की  नींव  का  नाम   प्रकाश  है ।
धरती    के    ऊपर    साया     करता    आकाश    है ।।
प्रकाश   संश्लेषण   करके   भोजन  पौधे   बनाते  हैं ।
पृथ्वी   के   प्राणी    सारे    वही   भोजन    खाते   हैं ।।
जितना जरूरी  ऑक्सी  पानी  उतना  ही  प्रकाश  है ।
धरती    के   ऊपर    साया     करता     आकाश   है ।।
सब   कुछ  काला   होता   हर  तरफ़   अँधेरा   होता ।
उम्मीद   किरण   न   होती  न   कभी  सवेरा  होता ।।
ख़ूबसूरती    तब   तक   है   जब    तक   प्रकाश   है ।
धरती     के    ऊपर    साया    करता    आकाश   है ।।
तुम   ज़िन्दगी  को   अपनी   विज्ञानमय   कर  लो ।
छोड़ो  अन्धविश्वास  जीवन  प्रकाशमय   कर  लो ।।
 "सागर" तो गुज़ारिश करता "पी वी एस" प्रयास है ।
धरती    के    ऊपर    साया    करता    आकाश   है ।।

शनिवार, 14 मार्च 2015

इतना पता चला फिर नफ़रत नहीं रही ।।

तुमको  हमसे  जब से  मोहब्बत  नहीं रही ।
मेरे  प्यार  में भी  उतनी  शिद्द्त  नहीं रही ।।
अपना बना के छोड़ देना आदत है तुम्हारी ।
इतना  पता  चला  फिर  नफ़रत  नहीं रही ।।

रविवार, 22 फ़रवरी 2015

उससे हमारा रिश्ता कुछ अज़ीब सा है।

उससे    हमारा    रिश्ता   कुछ   अज़ीब   सा   है।
मेरी   ज़िन्दगी   का  लगता   वो  नसीब  सा  है।।
बहुत सोचता है इज़हार - ऐ - मोहब्बत से पहले।
प्यार    देने    में    वो    थोडा    गरीब    सा   है।।
दूरी   इतनी   कि   मिल   पाना   आसाँ  नहीं  है।
फिर    भी   वो   मेरे   दिल   के   करीब   सा   है।।
उसके   खो   जाने   का   डर   रहता   है   हमेशा।
हर    शख्स    मुझे    लगता    रक़ीब    सा    है।।
मै  मौला  की  इनायत  का  तलबगार  नहीं  हूँ।
मेरा     प्यार     मेरे    लिये     हबीब    सा    है।।

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2015

धोखा मुझे दिया तूने क्यों बेवफ़ा ।।

आती     है     याद     तेरी    ओ     बेवफा ।
जाती     है    जान    मेरी    ओ     बेवफा ।।
पूछते  हैं  दिल  के  टुकड़े   बता  दो  मुझे ।
धोखा   मुझे   दिया   तूने   क्यों   बेवफ़ा ।।
अभी चलती है धड़कन न छोड़ जाओ तुम ।
हम मर जायें बिना दीद के न दो ये सज़ा ।।
कर   पाया   न   ठीक   डॉक्टर   ने   मुझे ।
दो दर्शन मुझे  तो  मिल  जायेगी  शिफ़ा ।।
ख़ुदा  का   उठे   हाथ   हिफाज़त   में  तेरे ।
की     आरज़ू     हमने     कितने    दफ़ा ।।

मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

निकल गया वो ज़माना जब तुम्हारा सज़दा करते थे ।

निकल गया वो ज़माना जब तुम्हारा सज़दा करते थे ।
तुम  भी  नहीं  थे  बेवफ़ा  तब  हमसे  वफ़ा  करते  थे ।।
जुदाई  का  हर  लम्हा  गुज़रता  था  तेरी  इबादत  में ।
तुम  ख़ुश  रहना  हमेशा  बस  इतनी  दुवा  करते  थे ।।
तड़पता  था  तेरी  याद  में  जब   बेबस  हमारा  दिल ।
नाम   तुम्हारा    लिखकर    चूम   लिया   करते   थे ।।
ज़िन्दगी    में    मेरे    क्या    थी    अहमियत    तेरी ।
जब   दर्द   होता   था   तेरा   नाम   लिया   करते  थे ।।
मेरी  ज़िन्दगी  को रोशन  तुम करते थे  दीप बनकर ।
अँधेरों   में   भी   तुझको   पहचान  लिया   करते  थे ।।
कैसे   करूँ   यक़ीन   मैं   तेरी   सादगी   का  फिर  से ।
तुम  भरोसे   का  मेरे   क़त्लेआम   किया   करते  थे ।।

रविवार, 1 फ़रवरी 2015

हाइड्रोजन ऑक्सीजन मिलकर जो बनता वो पानी है ।

हाइड्रोजन  ऑक्सीजन  मिलकर  जो  बनता  वो  पानी  है ।
इसका  महत्व  इतना  है  विज्ञान  भी  इसकी  दिवानी  है ।।
जीवन    की   हर    क्रिया    पूरी    होती   है   जीवद्रव   में ।
जल की हिफाज़त करना लिखा  है  हम सब के कर्तव्य में ।।
ब्रह्माण्ड  के जिस  हिस्से में  पानी  वहीं  पे ज़िन्दगानी है ।
हाइड्रोजन  ऑक्सीजन  मिलकर  जो  बनता वो  पानी  है ।
जीवद्रव  की रचना करने में  पानी  का योगदान ज्यादा है ।
जीवन में  पानी ऑक्सीजन का  महत्व  आधा - आधा  है ।।
रूप    नया    दिया    हमने    लेकिन    बात    पुरानी    है ।
हाइड्रोजन  ऑक्सीजन  मिलकर  जो  बनता  वो  पानी  है ।
पानी  से  बिजली  बनती  है  जीवन  को  रोशन  करती  है ।
धरती  की गोद  में पानी है  इसलिए  पूज्यनीय  धरती  है ।।
बर्बाद   करो   न   पानी  को   ख़ुशहाली   की   निशानी   है ।
हाइड्रोजन  ऑक्सीजन  मिलकर  जो  बनता  वो  पानी  है ।
पानी   में   जीवन   होता   है   जीवन   में   पानी   होता  है ।
"सागर "  तुझे  जगाता है  क्यों  कुम्भकरण  सा  सोता  है ।।
पानी की रक्षा नहीं होती  तो  किस काम की तेरी जवानी है ।
हाइड्रोजन  ऑक्सीजन  मिलकर  जो  बनता  वो  पानी  है ।

सोमवार, 26 जनवरी 2015

हिंदुस्तान का जहाँ में जवाब नहीं ।


हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।
इसकी चमक है हक़ीक़त  महताब  नहीं ।।
कहते कलाम  हिंदुस्तान  होगा विकसित ।
भारत की शक्ति से दुनियाँ हुयी परिचित ।।
हमने देखा है सपना  कोई  ख्वाब  नहीं ।
हिंदुस्तान  का  जहाँ  में   जवाब  नहीं ।।
हिंद के जवानों का  अंग  भंग  करता है ।
सीज फायर  का ये  उल्लंघन  करता है ।।
पाक  दुश्मन  हमारा  है  अहबाब  नहीं ।
हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।।
झुकने  न  देना  सर  कटा  लेना  तुम ।
देश  की  शान  को   बचा  लेना  तुम ।।
झुक जाये  सर जिसका  वो नवाब  नहीं ।
हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।।
भारत  सरकार  क्यों  देती  सम्मान  है ।
नींचनींचनींचनींच  नींच पाकिस्तान है ।।
इसने अदब से किया  कभी  आदाब नहीं ।
हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।।
भीख माँग के खाता और बनता होशियार है ।
हथियार   चीन  से  मँगाता  उधार  है ।।
ये  मुर्गे  की  बिरयानी  है  क़बाब नहीं ।
हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।।
उत्तर में हिमालय का है  सीना  फौलादी ।
पश्चिम में सागर और कश्मीर में है वादी ।।
इसके हुस्न के जैसा  कोई  शबाब  नहीं ।
हिंदुस्तान   का  जहाँ  में  जवाब  नहीं ।।

शनिवार, 24 जनवरी 2015

देखो हमारा भारत श्रंगार कर रहा ।।

दुश्मन    तो   मुल्क   पे   वार   कर  रहा ।
देखो   हमारा   भारत   श्रंगार   कर   रहा ।।
इस मुल्क का हर बच्चा ऐसा काम करेगा ।
विश्व   में    भारत     का    नाम   करेगा ।।
आने  वाले  कल  का  इन्तज़ार  कर  रहा ।
देखो   हमारा   भारत   श्रंगार   कर   रहा ।।
सोने की चिड़िया की रखना तुम निगरानी ।
इस काम के लिए  चाहे  हो  जाये क़ुर्बानी ।।
दुश्मन  तो सीमा  मुल्क़ की  पार  कर रहा ।
देखो   हमारा    भारत   श्रंगार   कर   रहा ।।
झुकने को पाकिस्तान को मज़बूर कर देना ।
शीशे की तरह इसको  चकनाचूर कर देना ।।
बेशरम  तो   भारत   से  टकरार   कर  रहा ।
देखो    हमारा   भारत    श्रंगार   कर   रहा ।।
भारत   के   वीर   मौत  से  डरते   नहीं   है ।
मर जायें  चाहे  फिर  भी ये  मरते  नहीं  हैं ।।
भारत का हर इन्सां  मौत से प्यार कर रहा ।
देखो   हमारा    भारत    श्रंगार   कर   रहा ।।
शहीदों के लिए तिरंगा  है कपड़ा कफ़न का ।
बागियों  ने   देखा  जो   सपना   वतन  का ।।
आज़ाद   हिन्द   सपना   साकार   कर  रहा ।
देखो   हमारा    भारत    श्रंगार    कर   रहा ।।
शहीदों  की   याद   जब  आती   ज़िन्दगानी ।
दिल से दुवा निकलती आँखों से गिरता पानी ।।
शहीदों को नमन "सागर" बारम्बार कर रहा ।
देखो    हमारा    भारत    श्रंगार   कर   रहा ।।

रविवार, 18 जनवरी 2015

हर्फ़ रोने लगते हैं मैं जब भी रोता हूँ ।

मालूम  है  वो  हमारी   किस्मत  में  नहीं  है ।
फिर भी उस से दूर होने को दिल नहीं करता ।।

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कभी      ख़्वाहिश      थी     उसे     पाने     की ।
अब तो लगता है वो मेरा बना रहे वही काफी है ।।

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हर्फ़  रोने  लगते  हैं  मैं  जब  भी  रोता  हूँ ।
सूखे  पेड़   मेरी   कहानी   बयाँ   करते  हैं ।।

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हम अपने  मोहब्बत  की  नुमाइश  नहीं कर पाते ।
और  वो  समझते  हैं  कि  हम  प्यार  नहीं  करते ।।

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गुरुवार, 15 जनवरी 2015

मुबारक़ हो तुमको जनम दिन तुम्हारा।।

गहरी  झील ने  हमारी  किया है इशारा ।
मुबारक़ हो तुमको जनम दिन तुम्हारा ।।
निकले हैं जफ्ज़ दिल से  क़बूल कर लो ।
इनके सिवा दुनियाँ में कुछ नहीं हमारा ।।
भीड़ में जिसको  तलाशे  नज़र तुम्हारी ।
नज़रों का तुम्हारी वो बन जाये नज़ारा ।।
हँसते  हुए   दिल  को   जो  रुला   जाये ।
वो  पल  ज़िन्दगी  में  न  आये  दुबारा ।।
भूल   कर   उनको    कभी   न   रुलाना ।
तुम   हो   जिनकी   आँखों   का   तारा ।।
करके मोहब्बत हमसे नफ़रत न करना ।
तुम्हारे   सिवा  यहाँ   कौन   है  हमारा ।।
मोहब्बत  करें  तेरी   इबादत  करें  हम ।
तूफानों में भी तुझको मिल जाये किनारा ।।
न    हो    मुलाकात     कभी    आख़िरी ।
जुदाई   के   बाद   मिलो   तुम   दुबारा ।।
टूटा  जो   दिल   मेरा   तो   क्या   हुआ ।
दिल के  लिए  तो तूँ  अब  भी  है प्यारा ।।
मुबारक़ हो तुमको जनम दिन तुम्हारा ।।

मंगलवार, 13 जनवरी 2015

कभी माँगने लगे न वो तस्वीर अपनी ।

यादों   को   उसकी    हम   भुला   न   सके ।
किसी  और  से   दिल  को  लगा  न   सके ।।
कभी  माँगने  लगे  न  वो  तस्वीर  अपनी ।
यही   सोच   कर    हम    जला   न    सके ।।
उसके बिना  ज़िन्दा रहना मुश्किल है मेरा ।
हैं   हालात   ऐसे   उसको   बुला   न   सके ।।
उसके    खयालों    में   मैं    दूर   हो   गया ।
आज  भी  करते  प्यार  उसे  बता  न  सके ।।
बहुत  हँसते थे  जब वो  हमसफ़र  था मेरा ।
तन्हा  हुए  जब से  ख़ुद  को  हँसा  न सके ।।
उसने  कहा  था  खूब  हँसा  करो   "सागर" ।
जब याद उसकी आयी  आँसू  छुपा न सके ।।